A2Z सभी खबर सभी जिले कीLok Sabha Chunav 2024Uncategorizedअन्य खबरेबेतुल

जून की चिलचिलाती धूप मे पानी के लिये भटकते ग्रामीण :-

ग्राम पंचायत केरपानी (कोरकूढाना )

दिनांक 14 जून 2024
,भैंसदेही :- जिले के कई आदिवासी गावों की तकदीर और तस्वीर आज भी बदल नही पाई नतीजतन वे आज भी पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा से जूझ रहे है। सरकार का प्रयास है की प्रत्येक घरों तक नल से शुद्ध पानी पहुंचे। लेकिन PHE विभाग की लाचार व्यस्था शासन की इस व्यस्था को मुंह चिढ़ा रही है। विकासखंड भैसदेही की बड़ी ग्राम पंचायत केरपानी के कोरकू ढाना एवं गोंडी ढाना पहाड़ी पर बसे

दोनों ढाना मिलाकर लगभग एक हजार की आबादी वाले ग्राम केरपानी की। गांव के आदिवासी बीते 2 माह से पीने के पानी की समस्या से जूझ रहे है गांव में पीने के पानी के लिए हेडपंप लगे है सभी बंद पड़े है।नलजल योजना का बोरवेल मार्च के बाद वाटर लेवल कम हो जाता है जिससे नल जल का पानी सिर्फ नीचे मोहले को ही मिल पाता है। इसकी जानकारी पी एच ई विभाग के अधिकारी श्री अखिलेश

बड़ोले को एक वर्ष पूर्व से दे दिया गया है एवं ग्राम पंचायत केरपानी के द्वारा नये बोर खनन के लिये दो दो बार प्रस्ताव भेजा गया । लेकिन उनके द्वारा इस जल समस्या का निवारण के लिए स्थाई व्यवस्था की दृष्टि से कोई उचित कार्य नहीं किया गया। सिर्फ ग्रामीणों को भ्रमित करने का कार्य किया गया।फिर इस वर्ष भी जब पानी की समस्या हुई तो ग्रामीणों के द्वारा उनसे संपर्क करने पर उनके द्वारा कहा

Related Articles

गया कि पाइंट देख लीजिये बोर करवा देंगे लेकिन पाइंट दिखाने के बाद आज आएगी मशीन कल आयेगी मशीन लेकिन लास्ट में जब उनसे ग्रामीणों द्वारा सही जवाब मांगे जाने पर कहा गया की 600 फिट बोर कर देते है जबकि उन्हें पता है कि केरपानी पहाड़ी पर बसा हुवा है यहा वाटर लेवल या पानी की संभावना 600 के बाद ही है और उनके द्वारा शासन की योजना को पलीता लगाने के लिए फार्मलेटी

निभाने की बात की गई।जी की उनकी कार्य प्रणाली को दर्शाता है। और अंत में उनके द्वारा कहा गया कि ग्राम केरपानी के खाते में पैसा नहीं है यहां बोर नही हो सकता। ए कार्य प्रणाली है पी. एच. ई. अधिकारी का इस कारण ग्राम में घर के सामने नल तो है लेकिन नल में पानी नही। ग्राम पंचायत भी इस समस्या से अनजान नही है फिर भी लोग इस अव्यस्था से पानी जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित है ।

ग्रामीण सल्क्या बारस्कर , गोविन्द चड़ोकार रामकली बाई ठाकरे ठुमाय बाई कानेकर मंगला बाई चड़ोकार एवं ग्रामीण जन वे गांव से प्रतिदिन एक किलोमीटर दूर कहि पंचायती कुवे , कही निजी कुवे में छोटे बच्चों को कुवे में उतार कर लोटे या डब्बे से बाल्टी में डालकर पानी निकाल कर पानी भरते है और लेकर आते है। गांव में हर बार मार्च के बाद पानी के लिये 3 माह भटकना पड़ता है। इस समस्या से

PHE विभाग एवं ग्राम पंचायत कोई भी अनभिज्ञ नही है। परंतु इस गांव में कोई भी जिम्मेदार अधिकारी नही पहुंचते पीने के पानी की स्थाई व्यस्था नही करते ग्रामीण बेहद नाराज है अतः जिला प्रशासन से हम ग्रामीण जन निवेदन करते है कि केरपानी के कोरकू ढाना एवं गोंडी ढाना के लिये पेयजल का कोई स्थायी व्यवस्था कर पानी जैसे मुलभुत सुविधा प्रदान करने की कृपा करे।

Show More

AKHAND BHARAT NEWS

AKHAND BHARAT NEWS
Back to top button
error: Content is protected !!